Wednesday, 20 May 2015

सही मुआवजा न मिलने से नाराज चीनी ने नहीं छोड़ा घर, फोरलेन रोड हुई ब्लॉक


बीजिंग। चीनी सरकार तेजी से जमीनों का अधिग्रहण कर डवलपमेंट का काम कर रही है। इस जल्दबाजी के कारण देश के कई हिस्सों में जमीन मालिक प्रशासन के अधिग्रहण पर मिलने वाले मुआवजे से खुश नहीं होते। इसका नतीजा यह होता है कि वे मालिक विकास के काम में रोड़ा बन जाते हैं।
हाल ही में प्रशासन ने हेनान प्रांत के एक शहर में फोर लेन रोड तैयार की है। लेकिन इसके बीच में आने वाली तीन मंजिला घर को हाथ तक नहीं लगाया। इस कारण रोड इस्तेमाल में नहीं आ रही है। दरअसल, प्रशासन द्वारा सही मुआवजा न मिलने से नाराज जमीन मालिक ने अपना घर छोड़ने से इनकार कर दिया। जिसके बाद ऐसी स्थिति बनी।
यह पहला मामला नहीं है, जब प्रशासन को आम नागरिकों के सामने मुंह की खानी पड़ी हो। इससे पहले 2012 में भी झेजियांग प्रांत में एक बुजुर्ग दंपती ने हाइवे के रास्ते में आने वाले घर को छोड़ने से मना कर दिया था। बाद में प्रशासन को उन्हें मुंहमांगा मुआवजा देकर इमारत तोड़नी पड़ी।

इमारतें क्यों बन जाती हैं 'जिद्दी'?
चीन में ऐसी इमारतों को दिनझीहू यानी 'नेल हाउस' कहा जाता है, क्योंकि इन्हें हटाना बेहद मुश्किल होता है। दरअसल, सरकार व प्रॉपर्टी डेवलपर की ओर से मुआवजे की पेशकश जिन घर मालिकों को लुभा नहीं पाती, वे घर छोड़ने से मना कर देते हैं। नतीजतन आस-पास की दुनिया तो बदल जाती है, लेकिन इमारतें वहीं जस की तस खड़ी रहती हैं।

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