पानीपत। फिल्मी पर्दे पर स्पाइडरमैन, बैटमैन और सुपरमैन जैसे कलाकारों के बारे में आपने बहुत सुना होगा, लेकिन हम एक ऐसे शख्स से मिलवाने जा रहे हैं, जो रबड़ मैन है। जींद के पेगा गांव के राममेहर पूनिया रबड़ मैन के नाम से मशहूर हैं। उनके शरीर में रबड़ की तरह लचक है और वे इसी लचक के कारण अपने दोनों कंधों को आपस में मिला देते हैं। अपने कंधों को न केवल सीने के आगे जोड़ देते हैं, बल्कि पीछे की तरफ भी मिला देते हैं। कंधों से एक मिनट में 60 सीडी तोड़ने का उनका रिकॉर्ड गिनीज बुक व लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज है। इतना ही नहीं वे पीठ के पीछे से हाथ ले जाकर अपना कान उमेठ सकते हैं। आसानी से अपनी टांगें सिर के ऊपर तक ले जाने में पारंगत हैं। ये महारत उन्होंने कठिन मेहनत से प्राप्त की है। अब वे अपने ही रिकॉर्ड को दोबारा तोड़ने के लिए मेहनत कर रहे हैं। बॉलीवुड स्टार प्रिटी जिंटा भी इनका फैन रह चुकी हैं।
पांचवीं कक्षा में ठानी और बन गए रिकॉर्डधारी
राममेहर पूनिया बताते हैं कि एक बार पांचवीं कक्षा में उनके शिक्षक ने बताया था कि एक ऐसी किताब है जिसमें विश्व के रिकॉर्ड दर्ज होते हैं। राममेहर ने उसी दिन से ठान ली थी कि एक दिन इस किताब में अपना नाम जरूर दर्ज करवाएंगे। राममेहर ने अपने शरीर को लचीला बनाना शुरू किया और तीन साल की कड़ी मेहनत के बाद राममेहर ने सीने के आगे दोनों कंधों को मिलाने में सफलता हासिल की। जब स्कूल में उनके साथियों को यह बात पता चली तो वे राममेहर को अक्सर एेसा करने के लिए कहते थे और राममेहर बिना झिझक के कंधों को जोड़ देते थे।
दो बार किया गिनीज बुक में रिकॉर्ड अपने नाम
35 वर्षीय राममेहर बताते हैं कि उन्होंने सबसे पहले एक मिनट में 41 सीडी तोड़कर वर्ष 2011 में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया। इसके बाद प्रिटी जिंटा के कार्यक्रम में 60 सीडी तोड़कर दोबारा अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा। इसके बाद लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया।
खेती के साथ-साथ हर रोज चार घंटे करते हैं प्रयास
राममेहर आजीविका चलाने के लिए खेती करते हैं और रोज चार घंटे कड़ा अभ्यास भी करते हैं। राममेहर बताते हैं कि उन्होंने अपने शौक के लिए आजीविका के रास्ते में इस कला को मरने नहीं दिया। निरंतर प्रयास किया।
देश और विदेश में कर चुके हैं कला का प्रदर्शन
राममेहर देश के साथ-साथ विदेश में भी अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके हैं। वे इटली, जयपुर, बठिंडा, नागपुर व हरियाणा के अलग-अलग हिस्सों में अपनी कला का करतब दिखा चुके हैं।
राममेहर देश के साथ-साथ विदेश में भी अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके हैं। वे इटली, जयपुर, बठिंडा, नागपुर व हरियाणा के अलग-अलग हिस्सों में अपनी कला का करतब दिखा चुके हैं।


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