1.रेस्तरां में मनोज वशिष्ठ को गोली दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में तैनात एसआई भूपसिंह ने मारी थी। एसआई भूपसिंह को लगा था कि मनोज वशिष्ठ ने इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार को गोली मार दी है। (सभी फोटो: अमर उजाला ब्यूरो
2अगर वह गोली नहीं मारेगा तो मनोज कई लोगों को गोली मार देगा। दूसरी तरफ पुलिस की तफ्तीश में ये बात भी सामने आई है कि ठगी के शिकार हुए दो लोगों ने खुदकुशी कर ली थी। इनमें से मनोज वशिष्ठ का एक एजेंट भी शामिल था
3.अगर वह गोली नहीं मारेगा तो मनोज कई लोगों को गोली मार देगा। दूसरी तरफ पुलिस की तफ्तीश में ये बात भी सामने आई है कि ठगी के शिकार हुए दो लोगों ने खुदकुशी कर ली थी। इनमें से मनोज वशिष्ठ का एक एजेंट भी शामिल था
4.पुलिस का नाम सुनते ही मनोज तुरंत खड़ा हो गया। इंस्पेक्टर मनोज उसे ठीक से पकड़ पाता इससे पहले ही मनोज ने पिस्टल निकाल ली थी और पिस्टल को कोक कर लिया। वह पिस्टल चला पाता इंस्पेक्टर ने उसके हाथ को पकड़ कर ऊपर कर दिया। फिर दोनों गुथमगुत्था हो गएं। एक सिपाही भी इंस्पेक्टर की सहायता के लिए दौड़ा।
5.इसी दौरान टेबल घूम गई और मनोज के साथ इंस्पेक्टर धर्मेंद्र व सिपाही नीचे गिर गए। इस बीच मनोज की पिस्टल से गोली चल गई। कुछ दूरी पर खड़े एसआई भूप सिंह को लगा कि मनोज ने इंस्पेक्टर धर्मेंद्र को गोली मार दी है।
6.इस पर एसआई भूप सिंह ने मनोज को गोली मार दी। गोली मनोज के सिर में लगी थी और वह वही ढेर हो गया। टेबल की ओट की वजह से भूप सिंह इंस्पेक्टर को देख नहीं पाया था।
7.दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस को तफ्तीश में ये भी पता लगा कि मनोज की ठगी के शिकार दो लोगों ने खुदकुशी कर ली। दिल्ली के प्रसाद नगर में रहने वाला पारस व उसकी पत्नी गीता दोनों मनोज के पास एजेंट का काम करता था।
8.गीता ने अमर उजाला को बताया कि पारस ने उसके काफी रिश्तेदारों का पैसा मनोज के पास इंवेस्ट करवाया था। मनोज ने शुरू में तो लोगों का पैसा दिया था, मगर बाद में पैसा देना बंद कर दिया था।
9इस पर पारस के रिश्तेदार उसे पैसा वापस दिलवाने क लिए परेशान करने लगे थे। इससे परेशान होकर 13 फरवरी, 2013 को पारस ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। इस घटना के कुछ महीने बाद आंध्र प्रदेश के एक व्यक्ति ने भी फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।

No comments:
Post a Comment