अम्बाला सिटी। हरियाणा रोडवेज की बस ने मंगलवार को एक युवक को कुचल दिया। वह अपने दोस्त की फीस जमा करने आईटीआई जा रहा था। घटना के बाद बस चालक बस को वहीं छोड़कर फरार हो गया। जबकि युवक का शव काफी देर तक घटनास्थल पर पड़ा रहा। एंबुलेंस, पुलिस वाहन सहित कई गाड़ियां वहां से गुजरीं पर किसी ने भी मानवीयता दिखाने की जहमत नहीं उठाई। घटना गैलेक्सी माॅल के सामने पुलिस लाइन चौक पर हुई।
सिमरजीत की माैत ठीक उसी आईटीआई के पास हुई जहां से वह बुक बाइंडिंग का कोर्स कर रहा था। साथी की मौत की खबर लगते ही छात्र सड़क पर आ आए। इस बीच तेज बरसात होने लगी। हादसे के काफी देर बाद करीब दोपहर दो बजकर 19 मिनट पर एसीपी सुभाष भुक्कल घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने सिमरजीत की लाश को एक बड़े प्लास्टिक के लिफाफे से ढकना चाहा पर तेज हवाओं और बरसात के कारण लिफाफा उड़ गया। पुलिस ने जिप्सी लगाकर ट्रैफिक को दूसरी ओर से डाइवर्ट कर दिया। इसी बीच स्कूलों की छुट्टी भी हो गई। बच्चों ने लाश को देखा तो वह भी अपने आंसुओं को रोक न सके। दो बजकर 26 मिनट पर एंबुलेंस में सिमरजीत के शव को सिटी अस्पताल पहुंचाया गया।
नहीं रिसीव किया गया 100 नंबर
हादसे के बाद घटनास्थल से एक युवक ने मदद के लिए पुलिस कंट्रोल रूम में कॉल की। लेकिन किसी ने कॉल रिसीव नहीं किया। इसी बीच अचानक एसीपी ट्रैफिक पहुंच गए। उन्होंने शव को पॉलिथीन से ढकने का प्रयास किया। आखिर जब बारिश रुकी तब जाकर शव को कफन नसीब हुआ।
मां का तो सहारा ही चला गया
सिमरजीत अपना रेस्टोरेंट खोलकर बर्गर-पिज्जा का काम करना चाहता था। इस बारे में उसने प्लानिंग कर रखी थी। जल्द आईटीआई करने के दौरान ही वह इसे अंजाम देना चाहता था। लेकिन उसकी मौत के साथ सपने भी चले गए। परिवार वालों ने बताया कि सिमरजीत के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। मां रेडीमेड और कपड़े का काम करती है। जिससे घर का गुजारा होता है। यही कारण था कि सिमरजीत मां का हाथ बंटाना चाहता था।
छात्रों का पथराव, पुलिस ने भांजी लाठियां
आईटीआई कैंपस में जैसे ही सिमरजीत के मौत की खबर पहुंची तो छात्र एकबारगी परेशान हो गए। धीरे-धीरे बात पूरे कैंपस में फैल गई। गुस्साए कुछ छात्र कैंपस से ही गाड़ियों पर पथराव करने लगे। कुछ बसों के शीशे टूट गए। पुलिस ने उन्हें खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज किया। छात्र ड्राइवर की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे।




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